छह साल की श्रेया बनीं एक दिन की जिला कार्यक्रम अधिकारी, कुर्सी पर बैठकर बोली मेहनत और लगन से ही मिलती है सफ़लता
बालिका सशक्तीकरण की पहल, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए किया गया प्रेरित
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को छह वर्षीय श्रेया को एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से जिला कार्यक्रम अधिकारी बनाया गया। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के क्रम में आयोजित इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को कम उम्र से ही नेतृत्व की भूमिका से परिचित कराना और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में आयोजित इस पहल के माध्यम से श्रेया को प्रशासनिक जिम्मेदारी का सांकेतिक अनुभव कराया गया। इस पहल ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि बालिकाओं को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा सकती हैं। बालिकाओं के अधिकारों, उनकी क्षमता और समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में इसे एक प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।
बालिका सशक्तीकरण से जुड़ी इस पहल का उद्देश्य बेटियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के साथ ही उनमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा करना है। इस तरह के आयोजन बालिकाओं को यह भरोसा दिलाने में मददगार होते हैं कि उनकी प्रतिभा और आकांक्षाओं को उचित अवसर मिलना चाहिए। साथ ही समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश भी देते हैं।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी पंडरीकृपाल आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, बाल विकास परियोजना अधिकारी बभनजोत डॉ. दुर्गेश कुमार गुप्ता, बाल विकास परियोजना अधिकारी शहर नीतू रावत, जिला समन्वयक राज कुमार तथा जिला प्रोबेशन कार्यालय के जगमोहन वर्मा और शिवेंद्र श्रीवास्तव सहित मुख्य सेविकाएं उपस्थित रहीं।
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प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता 9415120996