725 आंगनबाड़ी सहायिका पदों की भर्ती पर दलालों की नजर, अवैध वसूली के लग रहे हैं आरोप
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता*
Gonda News
गोंडा। जिले में 17 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत 725 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सहायिका पदों की चल रही भर्ती प्रक्रिया के बीच अवैध वसूली के आरोपों ने हलचल मचा दी है। आवेदिकाओं और उनके परिजनों से फोन पर संपर्क कर कथित दलालों द्वारा पैसे की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ लोग सहायिका पद पर चयन कराने का झांसा देकर 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में आवेदिकाओं के घर तक पहुंचकर उनके परिजनों से संपर्क साधने की बात भी सामने आई है। इससे यह प्रश्न उठ रहा है कि आवेदिकाओं के फोन नंबर और अन्य विवरण इन लोगों तक कैसे पहुंचे।
वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्र, आय, निवास, जन्मतिथि समेत अन्य अभिलेखों की गहन जांच और सत्यापन किया जा रहा है। अब तक 11 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत आवेदिकाओं के दस्तावेजों की जांच पूरी की जा चुकी है। प्रत्येक पद के सापेक्ष पांच अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में बुलाया जा रहा है।
सत्यापन के उपरांत जिन अभ्यर्थियों के अभिलेख सही पाए जाएंगे, उनका चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। चयन सूची जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय एवं संबंधित ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना कार्यालयों पर चस्पा की जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। उन्होंने आवेदिकाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के झांसे में न आएं और किसी को पैसा न दें। उन्होंने कहा कि जिस अभ्यर्थी के अभिलेख सही होंगे और भारांक में अधिक अंक होंगे, वही चयनित होगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की अवैध वसूली या दलाली में किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय स्तर पर भी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।