दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी ई-ट्राईसाइकिल, आसान होगा स्कूल-कॉलेज तक का सफर
जिले में 140 छात्राओं के चयन की प्रक्रिया शुरू, मेडिकल टीम ने की शारीरिक जांच
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोण्डा । दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने में होने वाली परेशानी से राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिले में पात्र छात्राओं के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोमवार को विकास भवन में आवेदन करने वाली छात्राओं की मेडिकल टीम ने शारीरिक जांच की। जांच के आधार पर पात्रता का आकलन कर योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में दिव्यांग छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है। इसके तहत जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों से कुल 140 छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20 पात्र छात्राओं का चयन किया जाना है। योजना का उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं की आवागमन संबंधी दिक्कतों को कम करना और उन्हें नियमित रूप से स्कूल, कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सहूलियत प्रदान करना है।
मेडिकल जांच के बाद आगे बढ़ेगी चयन प्रक्रिया
योजना के तहत ई-ट्राईसाइकिल के लिए आवेदन करने वाली छात्राओं की शारीरिक स्थिति और निर्धारित पात्रता की जांच के लिए विकास भवन में शिविर आयोजित किया गया। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी माधवी पाण्डेय के नेतृत्व में मेडिकल और परिवहन विभाग की टीम ने छात्राओं की जांच की। इस दौरान डॉ. फर्रुख सगीर और परिवहन विभाग के आरआई राजेश कुमार मौजूद रहे। जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया अपनाई गई कि योजना का लाभ निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली छात्राओं को ही मिल सके।
16 वर्ष या उससे अधिक उम्र की छात्राएं कर सकेंगी आवेदन
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी माधवी पाण्डेय ने बताया कि योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की ऐसी दिव्यांग छात्राएं पात्रता के दायरे में आती हैं, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है। निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाली छात्राओं को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आवागमन की परेशानी होगी कम, शिक्षा जारी रखने में मिलेगी मदद
दिव्यांग छात्राओं के सामने शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। खासकर दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं को आवागमन के साधनों की कमी के कारण पढ़ाई जारी रखने में परेशानी होती है। ऐसे में ई-ट्राईसाइकिल मिलने से उन्हें आने-जाने में सहूलियत मिल सकेगी। इससे छात्राओं की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
जिले में 140 छात्राओं को लाभान्वित करने के लक्ष्य के साथ चल रही यह पहल दिव्यांग छात्राओं को बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब मेडिकल जांच और पात्रता संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चयनित छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।