मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू पर उठे सवाल, जांच के निर्देश
वजीरगंज के कई परिषदीय विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन न बनने की शिकायत, अभिभावकों ने विभाग से की कार्रवाई की मांग
शिवपूजन पांडे, वजीरगंज
Gonda News
वजीरगंज, गोण्डा। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कहीं निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बन रहा है तो कहीं विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और बच्चों की उपस्थिति को लेकर अभिभावकों ने चिंता जताई है। शिक्षा क्षेत्र वजीरगंज के कई विद्यालयों से जुड़ी इन शिकायतों के बाद मध्याह्न भोजन व्यवस्था की नियमित निगरानी और प्रभावी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
ग्राम पंचायत मेहिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्थानीय अभिभावकों ने शैक्षणिक व्यवस्था, परिसर में फैली गंदगी और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई। अभिभावकों के अनुसार, विद्यालय में पढ़ने के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी कम दिखाई दी। उनका कहना है कि बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें स्वच्छ वातावरण और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
गुरुवार को निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को रोटी, सब्जी और दाल दी जानी थी, लेकिन विद्यालय में चावल और दाल बनाए जाने की जानकारी सामने आई। इसी तरह ग्राम पंचायत बभनी स्थित प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय करौंदा और प्राथमिक विद्यालय बालेश्वर गंज भरहापारा में भी निर्धारित मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं बनाए जाने की बात कही गई।
चूल्हे पर बन रहा था भोजन
प्राथमिक विद्यालय खोखिया में चूल्हे पर दाल-चावल बनता मिला। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मदन गोपाल ने बताया कि ग्राम प्रधान सिलेंडर ले गए थे, जिसके बाद से चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा है। हालांकि, विद्यालय में भोजन बनाने की व्यवस्था और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर संबंधित स्तर पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है।
शुक्रवार के निर्धारित मेन्यू में मूंग की दाल, मौसमी सब्जी, सोयाबीन और बाजरे की खिचड़ी शामिल थी। आरोप है कि संबंधित विद्यालयों में इस दिन भी निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन नहीं बनाया गया। दूसरी ओर, ग्राम पंचायत बंधवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था निर्धारित मेन्यू के अनुरूप पाई गई। क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भी संतोषजनक बताया गया।
उपस्थिति और भोजन की मात्रा को लेकर भी चिंता
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि कुछ विद्यालयों में पंजीकरण रजिस्टर में बच्चों की उपस्थिति अधिक दर्ज किए जाने और वास्तविक रूप से भोजन करने वाले बच्चों की संख्या में अंतर होने की आशंका है। उनका मानना है कि यदि उपस्थिति, भोजन की मात्रा और खाद्यान्न के उपयोग का नियमित मिलान किया जाए तो व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ सकती है। हालांकि, इन शिकायतों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस संबंध में अभिभावक राजकुमार सोनकर, दीपू जायसवाल, समसुद्दीन, कल्ले और पुष्पा देवी ने शिक्षा विभाग को आवेदन देकर शिकायत की है। उन्होंने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मेन्यू के पालन, साफ-सफाई और विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति की जांच कराने की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्याह्न भोजन योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना मध्याह्न भोजन योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ऐसे में विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू का पालन, स्वच्छता, भोजन की उचित मात्रा और उपस्थिति अभिलेखों की नियमित जांच आवश्यक है। शिकायतों की निष्पक्ष जांच और निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से योजना का लाभ वास्तविक रूप से विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।