डीपीओ के खिलाफ लामबंद हुआ सफाई कर्मचारी संघ, विकास भवन में धरना-प्रदर्शन
वायरल ऑडियो में पंचायत राज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर अशोभनीय टिप्पणी का आरोप, वीडियो जारी कर डीपीओ ने मांगी माफी; निलंबन की मांग पर अड़ा संघ
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) संजय कुमार के खिलाफ सफाई कर्मचारी संघ लामबंद हो गया है। एक गांव की जांच के सिलसिले में शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत के दौरान पंचायत राज विभाग के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) और पंचायत सचिव को लेकर कथित तौर पर अशोभनीय एवं अभद्र शब्दों के इस्तेमाल का ऑडियो वायरल होने के बाद शनिवार को सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने विकास भवन में धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए डीपीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
बताया जा रहा है कि गांव से जुड़ी एक शिकायत की जांच के मामले में डीपीओ और शिकायतकर्ता के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इसी बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो में पंचायत राज विभाग के जिला पंचायत राज अधिकारी और पंचायत सचिव के लिए आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप है। ऑडियो वायरल होने के बाद मामला विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
मामला तूल पकड़ने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने एक वीडियो जारी कर कथित टिप्पणी की जिम्मेदारी लेते हुए माफी मांगी। उन्होंने वीडियो में कहा कि स्वास्थ्य ठीक नहीं होने और पारिवारिक परेशानियों के बीच शिकायतकर्ता से बातचीत के दौरान मुंह से गलती से कुछ शब्द निकल गए। उन्होंने इसके लिए खेद जताया।
हालांकि डीपीओ की ओर से वीडियो जारी कर माफी मांगने के बाद सफाई कर्मचारी संघ का आक्रोश और बढ़ गया। संघ का कहना है कि वायरल ऑडियो और उसके बाद डीपीओ द्वारा जारी वीडियो से कथित अभद्र टिप्पणी की घटना की पुष्टि होती है। संघ ने इसे अधिकारियों-कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राघवेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने विकास भवन परिसर में धरना दिया। इस दौरान डीपीओ के खिलाफ नारेबाजी की गई और उन्हें निलंबित करने की मांग उठाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। दोषी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
घटना के बाद डीपीओ की तबीयत बिगड़ी
वहीं, घटना के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी की तबीयत खराब होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि उनकी तबीयत खराब होने का वायरल ऑडियो प्रकरण से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं और कर्मचारियों में आक्रोश बना हुआ है।

.

. 
. 