आईआईटी कानपुर से डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण लेकर लौटे गोंडा के दस शिक्षक, अब स्कूलों में होगी आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा की शुरुआत

प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
गोंडा। जिले के दस विज्ञान शिक्षक आईआईटी कानपुर में आयोजित डिजिटल लिटरेसी, कोडिंग एवं आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर वापस लौट आए हैं। आठ सप्ताह के हाइब्रिड (ऑफलाइन व ऑनलाइन) प्रशिक्षण के बाद अब ये शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा को और प्रभावी रूप में लागू करेंगे।
प्रशिक्षण पूर्ण करने पर शिक्षकों को आईआईटी कानपुर द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जिनमें उनके समर्पण, दक्षता और डिजिटल कौशलों को स्कूल शिक्षा में शामिल करने की प्रतिबद्धता की सराहना की गई है। प्रमाणपत्र में उल्लेख है कि यह प्रशिक्षण 8 सप्ताह तक चला, जिसमें आईआईटी कानपुर में ऑफलाइन सत्रों के साथ संरचित ऑनलाइन मॉड्यूल भी शामिल थे। प्रमाणपत्र 2 दिसंबर 2025 को जारी किया गया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक व उनके विद्यालय
- कंपोजिट विद्यालय झंझरी — पंकज चौधरी
- कंपोजिट विद्यालय नारायणपुर ईंधा — प्रतिमा मिश्रा
- पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय लक्ष्मणपुर जाट — प्रतिमा मिश्रा
- कंपोजिट विद्यालय दलीप पुरवा, मनकापुर — मनीष वर्मा
- कंपोजिट विद्यालय मुजेड़, बेलसर — विनय सिंह विसेन
- कंपोजिट विद्यालय गोकरण शिवाला, रुपईडीह — श्रवण चौधरी
- कंपोजिट विद्यालय पथवलिया झंझरी — वंदना मिश्रा
- उच्च प्राथमिक विद्यालय दुर्गापुर, मनकापुर — रूपेश कुमार पाण्डेय
- पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय महेवागोपाल, मनकापुर — भोला प्रसाद यादव
- उच्च प्राथमिक विद्यालय घारीघाट, बभनजोत — अजमत अली
आईआईटी कानपुर, एससीईआरटी और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल साक्षरता, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग और एआई जैसे 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों में दक्ष बनाना था।
अब प्रशिक्षित शिक्षक अपने विद्यालयों में एआई, कोडिंग, स्क्रैच, डिजिटल टूल्स तथा नए कंप्यूटर पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाएंगे। इससे कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों में डिजिटल दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।