मिशन शक्ति के तहत जब बेटियों ने सम्भाली बीएसए की कुर्सी

अयोध्या उत्तर प्रदेश गोंडा
 मिशन शक्ति: बीएसए की कुर्सी पर बैठीं बेटियां, दिए निर्देश
महक वर्मा, पलक भारती और बंधन गुप्ता ने एक दिन के लिए संभाली जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। मिशन शक्ति के अंतर्गत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने की पहल के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की तीन छात्राओं को एक दिन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। कक्षा सात की महक वर्मा तथा कक्षा आठ की पलक भारती और बंधन गुप्ता ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर न केवल बीएसए की कुर्सी संभाली, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ संवाद कर अपनी प्रशासनिक समझ और नेतृत्व क्षमता का भी परिचय दिया।
कार्यालय में छात्राओं के बीएसए की कुर्सी पर बैठने का दृश्य उनके लिए उत्साह और प्रेरणा से भरा रहा। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना, उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना तथा यह विश्वास जगाना है कि वे भी भविष्य में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर समाज और देश के विकास में योगदान दे सकती हैं।
एक दिन की इस विशेष जिम्मेदारी के दौरान छात्राओं को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली, विभागीय दायित्वों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक कार्यों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी केवल विद्यालयों का संचालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना, शिक्षकों की भूमिका को प्रभावी बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक पहुंचाना भी है।
छात्राओं ने बीएसए की भूमिका निभाते हुए विभागीय कार्यों को समझने में रुचि दिखाई और दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक निर्णय लेने, अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के महत्व से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह सहित सभी जिला समन्वयक, लेखाकार और कार्यालय के अन्य कार्मिक मौजूद रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम के बल पर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मिशन शक्ति के तहत इस तरह की पहल बालिकाओं को अपनी क्षमताओं पहचानने और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में प्रेरित करती है। प्रशासनिक पदों पर एक दिन की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी मिलने से छात्राओं को न केवल सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिला, बल्कि उनमें नेतृत्व, संवाद और निर्णय क्षमता विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ।
यह पहल बालिका सशक्तीकरण के संदेश को मजबूत करती है कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।

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