त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 160 किलो घी सीज
कर्नलगंज बाजार में घी के दो नमूने लिए, बालपुर में कुट्टू के आटे की जांच; सिंघाड़े के आटे की भी पड़ताल, अभियान जारी रहेगा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। आगामी त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को कर्नलगंज और बालपुर बाजार में जांच अभियान चलाया। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा जिलाधिकारी के आदेश-निर्देश के क्रम में की गई इस कार्रवाई के दौरान कर्नलगंज बाजार में एक प्रतिष्ठान से घी के दो नमूने संग्रहित किए गए। वहीं, संदेह के आधार पर लगभग 160 किलोग्राम घी सीज कर दिया गया। इसके अलावा बालपुर बाजार में कुट्टू के आटे का नमूना लेकर अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कर्नलगंज बाजार में विकास कुमार शुक्ला के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। इस दौरान घी की गुणवत्ता को लेकर जांच की गई और उसके दो नमूने संग्रहित किए गए। खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने के आधार पर लगभग 160 किलोग्राम घी को सीज करने की कार्रवाई की गई। नमूनों को जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
इसके बाद टीम ने बालपुर बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। यहां अंशुमणि त्रिपाठी के प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे का नमूना संग्रहित किया गया। टीम ने अन्य दुकानों पर उपलब्ध कुट्टू के आटे और सिंघाड़े के आटे की भी जांच की। त्योहारों के दौरान इन खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को खराब अथवा मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके।
कुट्टू के आटे को लेकर लोगों को किया जागरूक
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकानदारों और उपभोक्ताओं को कुट्टू के आटे के सुरक्षित भंडारण और इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया। टीम ने बताया कि कुट्टू का आटा नमी सोखने वाला यानी आर्द्रताग्राही होता है। इसलिए इसे लंबे समय तक भंडारित करने से बचना चाहिए। आटे को नमी और अनुचित भंडारण से बचाकर रखना जरूरी है। लोगों को सलाह दी गई कि अधिक समय से रखा हुआ कुट्टू का आटा इस्तेमाल न करें और उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर उसका सेवन करने से बचें।
आगे भी जारी रहेगा अभियान, तेज होगी छापेमारी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए मिलावटखोरी के विरुद्ध जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। बाजारों में घी, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर नियमानुसार नमूने लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का सिलसिला जारी रहेगा।
यह कार्रवाई अभिहित अधिकारी अजीत कुमार मिश्रा के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों प्रमोद कुमार, मनीष मल, अंकुर मिश्रा और नंदकिशोर यादव की टीम ने संपादित की। विभाग का उद्देश्य त्योहारों के दौरान आम लोगों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा मिलावट की आशंका पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
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