TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ गोंडा के आह्वान पर जनपद के ब्लॉक मुजेहना में कार्यरत शिक्षकों ने सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) अनिवार्यता के खिलाफ संगठित विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने इसे सेवा नियमों के विरुद्ध बताते हुए अपनी मांगों को लेकर देश के उच्च संवैधानिक पदों तक आवाज पहुंचाई।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शरद कुमार सिंह के नेतृत्व में तथा ब्लॉक मुजेहना के पदाधिकारियों के संयोजन में शिक्षकों ने महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष को संबोधित ज्ञापन तैयार किया। इस ज्ञापन को पोस्टकार्ड और ई-मेल के माध्यम से प्रेषित कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई।
शिक्षकों का कहना है कि पहले से सेवा में कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है और इससे उनकी सेवा सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और सेवारत शिक्षकों को इससे मुक्त रखा जाए।
इस अवसर पर जनपदीय उपाध्यक्ष राजीव कुमार, ब्लॉक संगठन मंत्री विजय कुमार, ब्लॉक उपाध्यक्ष भानु प्रकाश वर्मा, जनक राम वर्मा, अजीत वर्मा, शिवकुमार वर्मा, संजय कुमार, आशुतोष द्विवेदी सहित अनेक पदाधिकारी एवं विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया और ज्ञापन को सामूहिक रूप से ई-मेल के माध्यम से प्रेषित किया।