आंगनबाड़ी केंद्रों पर संसाधनों का अभाव उजागर, जांच के बाद कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका गया
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। जिले के इटियाथोक और कटरा बाजार विकासखंड में टीकाकरण सत्र के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों के अभाव का मामला सामने आया है। यूनिसेफ की ओर से किए गए पर्यवेक्षण में कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके बाद संबंधित कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है।
यूनिसेफ की ब्लॉक मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (बीएमसी) टीम द्वारा 7 मार्च को किए गए निरीक्षण में इटियाथोक ब्लॉक के उपकेंद्र रामनगर झिन्ना के अंतर्गत महतोपुरवा गांव स्थित सावित्री आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित टीकाकरण सत्र में कई आवश्यक उपकरण नहीं मिले। जांच में पाया गया कि सत्र स्थल पर स्टेडियोमीटर, इंफैनटोमीटर तथा बच्चों की वजन मापने की मशीन उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा सत्र के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अनुपस्थित पाई गईं और टीकाकरण के बच्चों की ड्यू लिस्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
इसी प्रकार कटरा बाजार ब्लॉक के उपकेंद्र नकहा के अंतर्गत बोधा पुरवा गांव में कमलेश आंगनबाड़ी केंद्र पर भी टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया गया। यहां भी स्टेडियोमीटर, इंफैनटोमीटर और बच्चों की वजन मशीन उपलब्ध नहीं पाई गई। हालांकि इस केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं और टीकाकरण से संबंधित बच्चों की ड्यू लिस्ट उपलब्ध थी।
निरीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने यह भी बताया कि मामले में संबंधित मुख्य सेविका और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि पर्यवेक्षण और व्यवस्थाओं में कमी पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को निर्देशित किया है कि टीकाकरण सत्र के दौरान सभी आवश्यक उपकरण और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।