7 मार्च तक मांगें नहीं मानी गईं तो 8 मार्च को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लखनऊ कूच करने का एलान
आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने दिया अल्टीमेटम, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी है। मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया, अपने हक के समर्थन पर जोरदार नारेबाजी की। मोर्चा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 7 मार्च 2026 तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 8 मार्च 2026 को प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लखनऊ कूच करेंगी। इस दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे गए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की रीढ़ हैं। वे पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, टीकाकरण, मातृ–शिशु देखभाल सहित केंद्र व राज्य सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन करती आ रही हैं, इसके बावजूद आज तक उन्हें न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया गया और न ही सामाजिक सुरक्षा व सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता, सवेतन मेडिकल अवकाश सहित सभी वैधानिक लाभ देने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने तथा कोरोना काल में सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही मुख्य सेविका व कार्यकर्ता पद पर योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर समयबद्ध पदोन्नति, शासनादेश के अनुसार टीए/डीए का भुगतान, सरकारी बैठकों की नियमितता तथा योजनाओं के प्रभावी संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि पोषण ट्रैकर जैसे ऑनलाइन कार्यों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल फोन (कम से कम 5G), ₹20,000 मोबाइल अनुदान तथा ₹2,500 मासिक रिचार्ज व डाटा भत्ता तत्काल दिया जाए। मांगें पूरी न होने की स्थिति में अप्रैल 2026 से पोषण ट्रैकर सहित समस्त ऑनलाइन कार्य बंद कर दिए जाएंगे। मोर्चा ने ₹1500 प्रोत्साहन राशि (PLI) के भुगतान में व्याप्त अव्यवस्था व भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसे नियमित मानदेय में शामिल करने की मांग की है। इसके अलावा किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बाजार दर पर सीधे भवन स्वामी को भुगतान, सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, निजीकरण व आउटसोर्सिंग पर रोक, लाभार्थियों को वर्षभर 365 दिन गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार की स्थायी व पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। अन्य मांगों में बीएलओ सहित अन्य विभागीय कार्यभार न थोपने, नई एजुकेटर भर्ती पर रोक, निरीक्षण व सुपरविजन व्यवस्था को पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने, मनमानी मानदेय कटौती, सेवा समाप्ति व उत्पीड़न पर पूर्ण रोक लगाने तथा सेवा समाप्ति के भय का राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के लिए दुरुपयोग न किए जाने की मांग शामिल है।
जिलाध्यक्ष प्रेम कुमारी यादव ने कहा कि “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का काम करती हैं, लेकिन बदले में उन्हें उपेक्षा ही मिली है। अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है।”
प्रदेश महामंत्री नीलम पांडेय ने कहा कि “यदि सरकार ने 7 मार्च तक मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो 8 मार्च को लखनऊ कूच होकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि “आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ वर्षों से अन्याय हो रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”मंडल अध्यक्ष दीपा तिवारी ने कहा कि “पोषण ट्रैकर जैसे ऑनलाइन कार्यों के लिए संसाधन नहीं दिए गए तो कार्य बहिष्कार मजबूरी होगी।”
जिला संयोजक संगमलाल शर्मा ने कहा कि “संयुक्त मोर्चा के माध्यम से सभी संगठनों को एकजुट कर संघर्ष को निर्णायक मोड़ दिया जाएगा।”
भारी संख्या में कार्यकर्ता रहीं मौजूद
इस दौरान आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों की कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए विकास भवन पहुंचे जहां पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सीडीपीओ दुर्गेश कुमार गुप्ता को सौपा। मोर्चा के पदाधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव, जिला महामंत्री नीरा जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष शमा परवीन ने मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, सभी से एक जुट होकर हक की लड़ाई में संघर्ष करने की अपील की। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की कुसुम तिवारी, सुशीला मौर्य, संगीता देवी, अरुणा, शिवकुमारी, पूनम, तारा देवी, सावित्री देवी, रामावती, रेशमा, मंजू, अर्चना, सुसमा, उमा देवी, गुड्डा देवी, उर्मिला, माला देवी, कंचन देवी, विमला, सुनीता, संतोष कुमारी, कमला देवी, जया गुप्ता सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मोर्चा ने सरकार से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।