मत्स्य पालन से बढ़ेगी किसानों की आय, योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने पर जोर
जिला स्तरीय समिति की बैठक में तालाबों, मत्स्य कृषक उत्पादक समूहों और लाभार्थियों से जुड़े प्रस्तावों की हुई समीक्षा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। जनपद में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से यूपीएग्रीस के अंतर्गत मत्स्य घटक की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को गति देने, किसानों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने तथा मत्स्य कृषक उत्पादक समूहों (एफएफपीओ) को मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में जिले के विभिन्न विकासखंडों में मत्स्य पालन से संबंधित गतिविधियों, तालाबों तथा पात्र लाभार्थियों से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की गई। संबंधित प्रस्तावों पर आवश्यक विचार-विमर्श के बाद नियमानुसार अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र किसानों को मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आय के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह तथा जिला मत्स्य अधिकारी नारद लाल राणा के नेतृत्व में हुई बैठक में किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। उपलब्ध तालाबों एवं अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ ही मत्स्य पालन को आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मत्स्य कृषक उत्पादक समूहों (एफएफपीओ) को और अधिक सशक्त बनाने तथा किसानों की भागीदारी बढ़ाने से संबंधित बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
इस दौरान विभिन्न विकासखंडों से आए किसान, संबंधित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और अन्य हितधारक मौजूद रहे। किसानों ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग और सहभागिता का आश्वासन दिया। बैठक में हुए विचार-विमर्श से जिले में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने, किसानों को योजनाओं से जोड़ने और मत्स्य कृषक उत्पादक समूहों को मजबूत बनाने की दिशा में आगे की कार्ययोजना को गति मिलने की उम्मीद है।