अफ़वाहों ने बढ़ा दी गैस को लेकर हाहाकार, रसोई गैस के लिए सुबह से कतारों में खड़े उपभोक्ता
जिले में अभी बनी हुई गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता
अफ़वाहों के चलते कालाबाजारी के शिकार बनने लगे हैं उपभोक्ता, सक्रिय हुए ब्लैकिए
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। ईरान–इजराइल युद्ध की खबरों के बीच जिले में रसोई गैस को लेकर अफ़वाहों का दौर तेज हो गया है। अफ़वाहों और कालाबाजारी की आशंका के चलते उपभोक्ताओं में गैस सिलेंडर लेने की होड़ मच गई है। हालात यह हैं कि कई गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जिले में कुल 4,15,896 रसोई गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं, जबकि रसोई गैस की आपूर्ति के लिए कुल 76 गैस एजेंसियां संचालित हैं। यहां भारत गैस, इंडेन और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियों के माध्यम से गैस की सप्लाई की जाती है। इसके अलावा शहर के कुछ इलाकों में टोरेंट गैस पाइपलाइन के जरिए भी सीधे घरों तक गैस पहुंचाई जा रही है।
जिले में गैस की आपूर्ति विभिन्न डिपो से हो रही है। गोंडा के साथ-साथ सुल्तानपुर और देवरिया के बेतालपुर डिपो से सिलेंडरों की सप्लाई भेजी जा रही है। उपभोक्ताओं को मुख्य रूप से 14.2 किलोग्राम और 5 किलोग्राम के गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके बावजूद अफ़वाहों के कारण कई स्थानों पर उपभोक्ता घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। इससे एजेंसियों पर अचानक दबाव बढ़ गया है और कतारें लंबी होती जा रही हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिले में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। किसी प्रकार की कमी नहीं है। उपभोक्ता घबराकर एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और अपने घर से ही ऑनलाइन या फोन के माध्यम से गैस की बुकिंग कराएं।

उन्होंने यह भी कहा कि कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अफ़वाहों और युद्ध की खबरों के बीच जिले में गैस को लेकर बनी चिंता से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन लोगों से संयम बरतने और अफ़वाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।
बुकिंग कराने के लिए उमड़ी उपभोक्ताओं की भीड़
