पोषण अभियान में जेपीसी के पद पर सीडीपीओ अभिषेक दुबे को मिली प्रतिनियुक्ति

उत्तर प्रदेश गोंडा

 

पोषण अभियान में जेपीसी पद पर अभिषेक दुबे चयनित, गोंडा समेत 7 अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News

गोंडा/लखनऊ।
पोषण अभियान के अंतर्गत संयुक्त परियोजना समन्वयक (जेपीसी) पद पर चयनित अधिकारियों की सूची जारी कर दी गई है, जिसमें जनपद गोंडा के बाल विकास परियोजना अधिकारी अभिषेक दुबे का भी चयन हुआ है। राज्य परियोजना निदेशक, पोषण अभियान, उत्तर प्रदेश द्वारा 17 मार्च 2026 को जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार यह चयन साक्षात्कार के आधार पर किया गया है।
गौरतलब है कि अभिषेक दुबे वर्तमान में गोंडा में सीडीपीओ के पद पर कार्यरत हैं और विभिन्न पोषण एवं बाल विकास योजनाओं के संचालन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उनके चयन से जिले में चल रहे कार्यों को प्रदेश स्तर पर नई जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
जारी सूची के अनुसार कुल 7 अधिकारियों को जेपीसी पद पर चयनित किया गया है। इनमें निधि सिंह (सुलतानपुर), पारुल शुक्ला (बाराबंकी), सत्य प्रकाश पाण्डेय (अयोध्या), उपेन्द्र कुमार उपाध्याय (बाराबंकी), संजय कुमार द्विवेदी (सीतापुर), रवि शास्त्री (फतेहपुर) और अभिषेक दुबे (गोंडा) शामिल हैं।
कार्यालय ज्ञाप में स्पष्ट किया गया है कि चयन प्रक्रिया 17 मार्च 2026 को आयोजित साक्षात्कार के परिणाम के आधार पर पूर्ण की गई है। इसके अतिरिक्त पूजा सिंह (मथुरा) और सुरजीत सिंह (फतेहपुर) को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
उक्त चयन को सक्षम स्तर से अनुमोदन भी प्रदान कर दिया गया है। चयनित अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिससे पोषण अभियान के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

*सीडीपीओ अभिषेक दुबे की प्रतिनियुक्ति के बाद जिले में बढ़ेगा प्रेशर*

गोंडा।
जिले में बाल विकास परियोजनाओं के संचालन पर पहले से ही सीडीपीओ की कमी का असर दिख रहा था, लेकिन अब एक और सीडीपीओ के कम हो जाने से गोंडा जिले की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। वर्तमान में एक-एक सीडीपीओ को कई-कई परियोजनाओं का अतिरिक्त प्रभार देकर व्यवस्था किसी तरह संचालित की जा रही है।
जिले की कुल 17 बाल विकास परियोजनाओं में से नगर क्षेत्र और करनैलगंज ब्लॉक की जिम्मेदारी सीडीपीओ नीतू रावत के पास है। वहीं दुर्गेश गुप्ता को वजीरगंज, बभनजोत और रुपईडीह परियोजनाओं का दायित्व सौंपा गया है। रमा सिंह नवाबगंज और मनकापुर परियोजनाओं को देख रही हैं, जबकि नंदिनी घोष के पास कटरा बाजार और हलधरमऊ ब्लॉक की जिम्मेदारी है।
सीडीपीओ की कमी के चलते कुछ परियोजनाएं मुख्य सेविकाओं के भरोसे संचालित हो रही हैं। परसपुर ब्लॉक की जिम्मेदारी साधना गुप्ता और तरबगंज परियोजना का संचालन उर्मिला चौधरी द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा राम प्रकाश मौर्य झंझरी और बेलसर, वंदना श्रीवास्तव छपिया, अंजना झा इटियाथोक परियोजना की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
इसी क्रम में जेपीसी में चयनित सीडीपीओ अभिषेक दुबे को पंडरी कृपाल और मुजेहना परियोजनाओं का दायित्व दिया गया था। हालांकि अब निदेशालय द्वारा उनके चयन के बाद गोंडा से शीघ्र कार्यमुक्त करने का निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को जारी कर दिया गया है।
ऐसे में पहले से सीमित संसाधनों और अधिकारियों के सहारे चल रही व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। एक से अधिक परियोजनाओं का प्रभार संभाल रहे अधिकारियों के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, जिसका सीधा असर बाल विकास से जुड़ी योजनाओं पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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