सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की धूम, 43.2 करोड़ रुपये का डेमो चेक वितरित
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा, 16 मार्च।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से वेंकटाचार्य क्लब परिसर में सरस मेले का आयोजन किया गया। मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई। कार्यक्रम में मण्डलीय आकांक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती गरिमा भूषण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
कार्यक्रम के दौरान मण्डलीय आकांक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती गरिमा भूषण, जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खरीदारी भी की। इस दौरान अतिथियों ने समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों, उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया तथा विपणन से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की।
मेले में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई से बने वस्त्र, घरेलू उपयोग की सामग्री, खाद्य पदार्थ, सजावटी वस्तुएं तथा अन्य स्थानीय उत्पाद आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किए गए थे, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया। स्टालों पर स्थानीय उत्पादों की अच्छी बिक्री भी हुई, जिससे समूह की महिलाओं में उत्साह देखने को मिला।
मुख्य अतिथि श्रीमती गरिमा भूषण ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय बढ़ती है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।
जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कहा कि जनपद में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न प्रकार के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं। प्रशासन का प्रयास है कि इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाए, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि हो और उनका आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि एनआरएलएम के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और आय दोनों बढ़ रही है।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक निवेश निधि के अंतर्गत 2584 स्वयं सहायता समूहों तथा रिवाल्विंग फंड के अंतर्गत 1422 स्वयं सहायता समूहों को कुल 43.2 करोड़ रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। इससे समूहों को अपने स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी स्टालों का निरीक्षण कर समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को बढ़ावा देने की बात कही।
इस अवसर पर डीसी एनआरएलएम जे.एन. राव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
