छह लेन का अयोध्या–बलरामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का डिज़ाइन तैयार
पुरानी सडक को छोड़कर खेतों से होकर निकलेगी नई छह लेन की सड़क
मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव; अयोध्या रिंग रोड में शामिल होगा 8 किमी हिस्सा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News :
गोंडा। देवीपाटन मंडल की बहुप्रतीक्षित और रणनीतिक दृष्टि से अहम अयोध्या–गोंडा–बलरामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। इस मार्ग को छह लेन में विकसित करने की विस्तृत डिज़ाइन तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी गई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार लगभग 65 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें करीब 8 किलोमीटर हिस्सा अयोध्या रिंग रोड में शामिल होगा। परियोजना के क्रियान्वयन से अयोध्या, गोंडा और बलरामपुर सहित पूरे देवीपाटन मंडल के लोगों को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रस्ताव के मुताबिक, नवाबगंज में निर्माणाधीन अयोध्या रिंग रोड से निकलने वाला करीब 57 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन राष्ट्रीय राजमार्ग पुराने गोंडा–नवाबगंज मार्ग के दक्षिणी हिस्से से होते हुए गोंडा शहर में प्रस्तावित रिंग रोड से जुड़ेगा। इसके बाद यह मार्ग गोंडा–बलरामपुर के पुराने रास्ते को पार करते हुए पश्चिम दिशा से निकलकर रामलला एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद अयोध्या से गोंडा की दूरी करीब 35 किलोमीटर और गोंडा से बलरामपुर की दूरी लगभग 22 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
योजना के तहत सिक्स लेन हाईवे के लिए लगभग 600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। 25 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए करीब 90 मीटर चौड़ाई की जमीन ली जाएगी। हाईवे का मुख्य हिस्सा फोरलेन का होगा, जबकि दोनों ओर सर्विस लेन विकसित की जाएंगी। इससे स्थानीय आवागमन भी सुचारु बना रहेगा और लंबी दूरी के वाहनों को बिना बाधा आवाजाही की सुविधा मिलेगी।
बताया गया है कि वर्ष 2018 में बलरामपुर में 43 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क का निर्माण हुआ था, लेकिन इसे फोरलेन बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। वर्ष 2023 में राष्ट्रीय राजमार्ग खंड अयोध्या ने गोंडा–बलरामपुर–अयोध्या मार्ग को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे अब विस्तार देते हुए सिक्स लेन के रूप में डिज़ाइन किया गया है। जनवरी 2024 में अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई, जिससे इस मार्ग पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा और परियोजना की आवश्यकता और भी प्रासंगिक हो गई।
इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से न केवल अयोध्या, गोंडा और बलरामपुर, बल्कि श्रावस्ती के साथ नेपाल सीमा तक जाने वाले यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और माल ढुलाई को नई रफ्तार मिलेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को मजबूत आधार प्राप्त होगा।
फिलहाल प्रस्ताव को मंत्रालय स्तर पर स्वीकृति मिलना बाकी है। स्वीकृति मिलते ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह सिक्स लेन राष्ट्रीय राजमार्ग आने वाले वर्षों में देवीपाटन मंडल की विकास-धुरी बनकर उभरेगा।