शिक्षा और समरस समाज के प्रणेता थे शीतला प्रसाद सिंह ‘शितलू बाबा’
118वीं जयंती पर श्रद्धा, स्मरण और संकल्प का संगम
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। पूर्व क्षेत्रीय विधायक स्वर्गीय शीतला प्रसाद सिंह ‘शितलू बाबा’ की 118वीं जयंती शनिवार को पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महाराजा देवी बख्श सिंह इंटर कॉलेज, बेलसर परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा एवं समाधि स्थल पर परिजनों, क्षेत्रीय नागरिकों और गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इसके पश्चात आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के मण्डलीय अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि शितलू बाबा का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के सर्वांगीण विकास का आधार है। शिक्षा न केवल समाज को जागरूक बनाती है, बल्कि व्यक्ति के आत्मिक और बौद्धिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपने कार्यकाल में अनेक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों की स्थापना कर शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया, जिसका लाभ आज भी समाज को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा सामाजिक समरसता के प्रबल पक्षधर थे। वे धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव के विरुद्ध थे और ऐसे समाज की कल्पना करते थे जहां सभी को समान अवसर मिले। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों और मूल्यों को आत्मसात कर उसी दिशा में आगे बढ़ें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पूर्व विधायक के पौत्र पंकज सिंह ‘बाबा’ ने अपने उद्बोधन में शीतला प्रसाद सिंह द्वारा कराए गए विकास कार्यों को याद करते हुए उन्हें सच्चा विकास पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि बाबा का जीवन-दर्शन “कर्म ही पूजा है” आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है और इसी विचारधारा पर चलना उनके प्रति वास्तविक सम्मान होगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट आनंद कुमार पांडेय ने शितलू बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर पवन कुमार सिंह, सुनील सिंह, अमित वर्मा, अशोक कुमार, सुरेंद्र यादव, योगेन्द्र कुमार तिवारी, राजेश वर्मा, दुर्गेश कुमार, मनीष पटवा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित