मुख्य सेविकाओं का ईसीसीई आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
प्रारंभिक बाल देखभाल और सामुदायिक सहभागिता पर रहा जोर
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News :

गोंडा। जनपद गोंडा में यूनिसेफ, विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मुख्य सेविकाओं के लिए आयोजित द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। यह प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया गया। प्रथम चरण का आयोजन 18 एवं 19 दिसंबर 2025 को किया गया था, जबकि द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 24 दिसंबर 2025 एवं 09 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ।
द्वितीय चरण के प्रशिक्षण के दूसरे दिन जनपद की सभी 17 बाल विकास परियोजनाओं से कुल 31 मुख्य सेविकाओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान सहयोगात्मक पर्यवेक्षण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा का महत्व, बच्चों के जीवन के शुरुआती एक हजार दिनों की देखभाल, खुशी की चौपाल, समुदाय आधारित गतिविधियों का आयोजन तथा सेक्टर स्तर पर निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन विक्रमशिला संस्था के प्रशिक्षक इंद्रभान तिवारी एवं कृष्ण मोहन सिंह ने खुशी की चौपाल एवं अभिभावक बैठकों के लिए वर्षभर के 12 माह की विषय आधारित रूपरेखा पर चर्चा की। इस दौरान सभी मुख्य सेविकाओं ने विषय आधारित चौपाल का प्रस्तुतीकरण भी किया। मंडल प्रबंधक कृष्ण मोहन सिंह ने गांव स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा खुशी की चौपाल के आयोजन पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी, आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति विश्वास मजबूत होगा तथा बच्चों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया सरल और प्रभावी बनेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न परियोजनाओं से सोनी तिवारी, शकुंतला देवी, गीता विश्वकर्मा, सुषमा सिंह, मोनिका, प्रीति, मिताली सिंह, मीना उपाध्याय, निशि द्विवेदी, मोहिनी मौर्य, गरिमा त्रिपाठी, हेमलता, रीता, सुशीला देवी, प्रीति भारती सहित अन्य मुख्य सेविकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को व्यवहारिक, उपयोगी एवं क्षेत्रीय कार्यों में सहायक बताया।